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माँ की दुआ जो लेता है वह महान बनता है।islam facts

माँ की दुआ जो लेता है वह महान बनता है। islam facts

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एक लडका था । वह बहुत नेक था ।

               माँ - बाप का फरमाबरदार था । माँ बाप के हुकमों का वह हर हाल में पालन करता । हर वक्त अम्मी - अब्बा की खिदमत के लिये भी तैयार रहता । एक मरतबा की बात है । रात का वक्त था ।

             वह अपनी अम्मीजान के पास सो रहा था । अचानक अम्मीजान को प्यास लगी और उन्होंने अपने लडके से कहाँ “ बेटा ! उठो , पानी पिलाओ । " लडका बिस्तर से उठकर पानी ले ने गया ।

             उसने घडे में से ग्लास भरा और अम्मीजान के पास ले कर आया लेकिन देखा तो अम्मीजान की आंख लग गई थी । वह सो गये थे । लडका सोचने लगा ‘ अब क्या करूं ? अगर अम्मीजान को जगाया तो उनकी नींद खराब होगी ।

          यह सोचकर उसने अम्मीजान को जगाना पसंद न किया और वह पानी का ग्लास लेकर अम्मीजान के सिरहाने खडा हो गया । और अम्मीजान के जागने का इंतिज़ार करने लगा।

          काफी वक्त गुजर गया । लेकिन अम्मीजान न उठे । लडका पानी का ग्लास ले कर वहीं पर खडा था । इसी इन्तिजार में सुब्ह हो गई । सुब्ह को अम्मीजान की आंख खुली ।

         देखा तो उनका बेटा पानी का ग्लास लेकर उनके करीब ही खडा था । यह देख कर अम्मीजान ने पूछा “ बेटा | क्या जब से मैं ने पानी मांगा था तब से तुम ग्लास ले कर अभी तक इसी तरह खडे हो ?

लड़के ने कहाँ
          “ हा , अम्मीजान ! मुजे यह ख्याल आया के न मालूम कब आप की आंख खुले और आप फिर से पानी मांगो ।

        लडके का जवाब सुनकर अम्मीजान खुशखुशाल हो गई । वह खुशी से फूली न समाई । उसने एसा फरमा बरदार लडका देने के बदले में अल्लाह का शुक्र अदा किया । फिर अपने लडके की दोनों जहाँ में कामयाबी के लिये दुआ फरमाई ।

         अम्मीजान की दुआ रंग लाई । आगे जा कर यह लडका महान वली बना । अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त का एक मकबूल और प्यारा बंदा बना । जानते हो अम्मीजान की दुआ की बरकत से अल्लाह का महान वली बननेवाला यह लडका कौन था ?

        वह थे हज़रत शरफुद्दीन रहमतुल्लाहि अलयहि । माँ की दुआ लेने का कैसा उमदा फल ।
        माँ - बाप के कैसे फरमा बरदार थे हज़रत शरफुद्दीन राहमातुल्लाही अलयही।


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