inspirational stories perseverance
हुकूमत की निय्यत साफ़ हो,तो खुशहाली आपो आप आती है।

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New inspirational stories perseverance 2019

        एक बादशाह था । वह शिकार के लिए निकला । साथ , में उसके कुछ सिपाई भी थे । बादशाह शिकार की तलाश में बहुत आगे निकल गया । उस के सिपाई पीछे रह गए ।

         इतने में बादशाह को प्यास लगी । पानी पास में था नहीं । बादशाह ने पानी के लिये चारों तरफ नज़र दौडाई ।बहुत दूर बादशाह को एक बाग दिखाई दिया ।बादशाह बाग देखकर बहुत खुश हुआ ।

         फिर वह चलते चलते बाग के अंदर गया । बाग में अनार के बहुत सारे दरख्त थे । वह देखकर बादशाहने अपनी असल पेहचान छूपाते हुए बागबान यानी बाग के मालिक से कहाँ . . . " क्या आप के बाग में अनार है ? " बागबानने कहाँ . . . " हाँ ।

         बादशाह ने कहाँ . . . " क्या तुम मुजे अनार का रस पिला सकते हो ? " बागबान ने कहाँ . . . " क्यो नहीं ? जरुर पिला सकता हूँ । " फिर बागवानने अपनी लडकी से ★ कहाँ . . . " बेटी । मुसाफिर के लिये एक अनार का रस नीचोड कर ले आओ ।

         लडकी ने दरख्त से एक अनार तोडकर नीचोडा । एक ही अनार में पूरा प्याला भर गया । फिर वह प्याला लेकर आई और बादशाह को पीने के लिये दिया । उसके बाद बागबान और बादशाह बातों में मशगूल हो गए ।

         बात - चीत दरमियान बादशाह ने बागबान से पूछा . . . | " इस बाग से तुम को कितना नफा मिलता है " बागबान ने कहाँ . . . " एक साल में तीन सो दीनार । " बादशाह ने कहाँ “ हुकूमत को टेक्ष कितना देते हो ? " | बागबान ने कहाँ . . . “ हमारा बादशाह दरख्तों के फलो से कुछ टेक्ष नहीं लेता ।

       "यह सुनकर बादशाह की निय्यत बिगडी । उसने सोचा . . . " मेरी हकूमत में जैसे तो न जाने कितने सारे फलो के दरख्त होंगे।

        अगर उन से मामूली टेक्ष लिया जाए तब भी मेरे पास में कितनी सारी धन - दौलत जमा हो जाए । यह सोचकर बादशाह ने फिर बागबान से कहाँ . . . " क्या अभी एक और अनार का रस मुजे पीने को मिल सकता है ? "

          बागबान ने फिर से अपनी लडकी को अनार का रस लाने का हुकम दिया ।लडकी को इस बार रस लाने में बहुत देर हो गई और प्याला भी आधा ही भरा हुआ था । यह देखकर बादशाह ने लडकी से पूछा . . . " रस लाने में इतनी देर क्यों हुई ? और क्यों आधा ही है ?

        लडकी ने कहाँ . . . " इस बार मैने पांच छे अनार नीचोडे तब जाकर इतना रस निकला । जब के पहली मरतबा एक ही अनार में प्याला भर गया था । " लडकी की बात सुन कर बागवान ने कहाँ . . . " शायद हमारे बादशाह की निय्यत बिगडी है । उस का यह असर है ।

       वह बादशाह फौरन समज गया कि यह । एक बदलाव उसकी बिगडी हुई निय्यत का है । लेकर फिर उसने अपने दिल ही दिल में टेक्ष लेने का इरादा मुल्तवी कर दिया ।उस के बाद बादशाह ने तीसरी मरतबा बागवान से . . .  अनार का रस पीने को मांगा ।

        इस मरतबा " यह देखकर बागबान ने कहाँ . . . . " अल्लाह ने हमारे बादशाह को बुरी निय्यत से बचा लिया । " फिर बादशाह ने अपनी असल पेहचान बताई ।

       और बागवान की अकलमंदी की तारीफ की ।बादशाह की निय्यत पर अवाम की खुशहाली का दारो मदार है । जैसी बादशाह की निय्यत वैसी बरकत !

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